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मुझे खर कह दिया

मैंने कौतहूल बस इस डगर में आपका साथ मांगा था, आपने बड़े सलीखे से मेरे इस तप को तोड़ दिया था। अब मैं विरह का ये वृत्तान्त किससे कहता फिरूँ, आपने अपने दर्प में मेरे मुख पे मुझे खर क...