Posts

Showing posts with the label सताए

काम के सताए

जो काम के सताए हुए होते हैं, वे जैसे चेतन के समीप ठीक वैसे ही अचेतन के समीप भी, स्‍वभाव से दीन हो जाते हैं। मुझे देखो.. न काम न काज दिन भर पड़ा रहता हूँ, "आलस्य ने मुझे निगल लिया है" ये ...