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काम के सताए

जो काम के सताए हुए होते हैं, वे जैसे चेतन के समीप ठीक वैसे ही अचेतन के समीप भी, स्‍वभाव से दीन हो जाते हैं। मुझे देखो.. न काम न काज दिन भर पड़ा रहता हूँ, "आलस्य ने मुझे निगल लिया है" ये ...