काम के सताए
जो काम के सताए हुए होते हैं, वे जैसे चेतन के समीप ठीक वैसे ही अचेतन के समीप भी, स्वभाव से दीन हो जाते हैं। मुझे देखो.. न काम न काज दिन भर पड़ा रहता हूँ, "आलस्य ने मुझे निगल लिया है" ये ...
It's my complicated blog like my complicated life.